कानपुर में 12 जुलाई को हरियाली का महाअभियान: 35.84 लाख पौधे रोपे जाएंगे, 500 स्थलों पर होगा वृक्षारोपण`
कानपुर नगर।प्रदेश सरकार के निर्देश पर कानपुर को हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए रविवार 12 जुलाई को वृहद वृक्षारोपण महाअभियान चलाया जाएगा। इस दिन जनपद में 500 से अधिक चिन्हित स्थलों पर 35 लाख 84 हजार 556 पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा गया है। हरियाली को बढ़ावा देने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण को लेकर जनजागरूकता भी इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।
महाअभियान का मुख्य कार्यक्रम चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, CSA में प्रातः नौ बजे आयोजित होगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान होंगे। प्रदेश शासन ने वृक्षारोपण अभियान की मॉनिटरिंग के लिए प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन डॉ. एम.के. षणमुग सुंदरम को नोडल अधिकारी नामित किया है।
➡️500 से अधिक स्थलों पर होगा पौधरोपण
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जैन ने बताया कि जिले के सभी नगरीय निकाय क्षेत्रों, विकासखंडों, विद्यालयों, सामुदायिक केंद्रों और सार्वजनिक स्थानों को चिन्हित कर लिया गया है। सभी विभागों के नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में पौधरोपण स्थलों की जियो-टैगिंग कराएं। साथ ही लगाए गए पौधों की सुरक्षा, संरक्षण और नियमित देखभाल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि अधिक से अधिक पौधे विकसित हो सकें।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि इस अभियान को जनआंदोलन का रूप देना है। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि प्रत्येक नागरिक 'एक पेड़ मां के नाम' अवश्य लगाए और उसकी देखभाल का संकल्प भी ले। डीएम ने कहा कि आज लगाया गया एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, शुद्ध पानी और सुरक्षित भविष्य की गारंटी बनेगा। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं।
➡️गंगा बैराज से मंधना तक लगेंगे अमलतास
अभियान का विशेष आकर्षण गंगा बैराज से मंधना तक सड़क के दोनों ओर अमलतास के पौधों का रोपण रहेगा। पीले फूलों से लदे अमलतास के पेड़ न सिर्फ सड़क को सुंदर बनाएंगे बल्कि पर्यावरण को भी शुद्ध करेंगे। इसके अलावा विभिन्न पार्कों, स्कूलों और सरकारी कार्यालयों में भी बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जाएगा।
➡️सात थीम वन देंगे हरियाली को नई पहचान
इस वर्ष शहर में सात विशेष थीम आधारित वन विकसित किए जाएंगे जो कानपुर की पहचान बनेंगे।
1. वार मेमोरियल डीजीक्यूए कॉलोनी कैंटोनमेंट बोर्ड में 111 पौधों से `वंदे मातरम् वाटिका` तैयार होगी।
2. बिल्हौर तहसील के हाजीपुर गांव में 17,500 पौधों का `ऊर्जा वन` विकसित किया जाएगा। इसमें ईंधन के रूप में उपयोगी प्रजातियों के वृक्ष लगाए जाएंगे।
3. सुधांशु जी महाराज आश्रम में `महर्षि चरक वन` बनेगा।
4. कारगिल पार्क में `सामाजिक समरसता वन` विकसित होगा।
5. संजय वन चेतना केंद्र में `समृद्धि वन` और `ऑक्सी वन` तैयार किए जाएंगे।
6. एलन वन में `फलदार वाटिका` विकसित की जाएगी।
प्रभागीय वन अधिकारी आकांक्षा जैन ने बताया कि इन थीम वनों के लिए पौधों का उठान कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य सिर्फ पौधा लगाना नहीं बल्कि उसे पेड़ बनाना है। इसलिए हर पौधे की 3 साल तक देखभाल की जिम्मेदारी तय की गई है।
➡️51 गोकुल वाटिकाएं होंगी विकसित
पशुपालन विभाग के सहयोग से जिले के 51 गोआश्रय स्थलों पर `गोकुल वाटिका` विकसित की जाएंगी। इन वाटिकाओं में फलदार और छायादार वृक्ष लगाए जाएंगे। इससे गौशालाओं का पर्यावरण बेहतर होगा और गोवंश को भी लाभ मिलेगा।
➡️कौन-कौन से पौधे लगेंगे
इस अभियान में पर्यावरण के अनुकूल और स्थानीय जलवायु के अनुसार पौधों का चयन किया गया है। आम, महुआ, पीपल, पाकड़, बरगद, सहजन, सेमल, सिरस, शीशम, जामुन, गूलर, बेल, बहेड़ा, अशोक, कदम, आंवला, अमरूद, अनार और इमली जैसी प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। ये सभी पौधे ऑक्सीजन देने के साथ-साथ पक्षियों और जीव-जंतुओं के लिए भी उपयोगी हैं।
➡️विभागवार लक्ष्य तय
वन विभाग को 8.55 लाख पौधों का रोपण लक्ष्य दिया गया है। अन्य विभागों में ग्राम्य विकास विभाग को सबसे ज्यादा 13.06 लाख पौधे लगाने हैं। कृषि विभाग 2.93 लाख, पर्यावरण विभाग 2.41 लाख, नगर विकास विभाग 2.16 लाख, पंचायती राज विभाग 1.37 लाख और राजस्व विभाग 96,700 पौधों का रोपण करेगा।
अधिकारियों ने बताया कि पौधरोपण के बाद हर 15 दिन में उसकी रिपोर्ट ली जाएगी। जो विभाग लक्ष्य पूरा नहीं करेगा उससे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
➡️जनभागीदारी जरूरी
डीएम ने कहा कि सरकार के प्रयास तभी सफल होंगे जब जनता साथ देगी। स्कूल-कॉलेज के छात्र, सामाजिक संगठन और आम नागरिक इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। 'एक पेड़ मां के नाम' लगाकर उसकी फोटो सोशल मीडिया पर #EkPedMaaKeNaam के साथ शेयर करें।
कानपुर को हरित शहर बनाने की दिशा में यह अभियान मील का पत्थर साबित होगा। उम्मीद है कि 12 जुलाई का दिन कानपुर के इतिहास में पर्यावरण संरक्षण के लिए याद रखा जाएगा।
संपादकः सत्य का असर समाचार पत्र, कानपुर
पत्रकारः जितेंद्र कुमार सिंह पटेल
संपर्क सूत्र: 9956834016
ईमेल:satyakaasarnews24@gmail.com
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